गोरखपुर। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, गोरखपुर के लिए गौरव की खबर है। विश्वविद्यालय के श्री गोरक्षनाथ मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के पीएचडी शोधार्थी अनिल कुमार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित वैज्ञानिक पोस्टर प्रस्तुतीकरण प्रतियोगिता में द्वितीय पुरस्कार हासिल कर विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है।
यह उपलब्धि छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर में 29 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 'वेलनेस कॉन-2026' में प्राप्त हुई। सम्मेलन में अनिल कुमार ने महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषय 'वल्वोवेजाइनल कैंडिडायसिस में कैंडिडा की विभिन्न प्रजातियों का वितरण एवं महिलाओं के स्वास्थ्य पर इसका प्रभाव' पर अपना शोध प्रस्तुत किया।
अपने शोध के माध्यम से उन्होंने महिलाओं में होने वाले फंगल संक्रमण, कैंडिडा की विभिन्न प्रजातियों की पहचान तथा संक्रमण के समय पर सटीक निदान और प्रभावी उपचार की आवश्यकता को रेखांकित किया। उनका शोध महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण चिकित्सकीय पहलुओं को समझने की दिशा में उपयोगी माना जा रहा है।
यह शोध कार्य विश्वविद्यालय के माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष एवं शोध निर्देशक डॉ. राजीव किशोर सक्सेना के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
शोधार्थी की इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. भूपेश कुमार गोयल, कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार राव, उपकुलसचिव (प्रशासन) श्रीकांत, प्राचार्य डॉ. वर्षा मोखासी एवं उपप्राचार्य डॉ. रामप्रभा ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए अनिल कुमार को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
वहीं, संकाय सदस्यों डॉ. अंजन त्रिवेदी, डॉ. शालिनी मान, डॉ. स्मृति तिवारी, श्रीमती प्रज्ञा पांडेय एवं जन्मेजय सोनी सहित अन्य शिक्षकों ने भी इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त किया।
अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में मिला यह सम्मान महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय की शोध एवं अकादमिक गतिविधियों की बढ़ती पहचान को दर्शाता है। साथ ही यह उपलब्धि चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान कर रहे युवा शोधार्थियों के लिए भी प्रेरणादायक साबित होगी।
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